उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET 2026) और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में पर्यावरण अध्ययन (EVS) एक अत्यंत महत्वपूर्ण विषय है। इस लेख में हम तीन प्रमुख स्तंभों—भारतीय संविधान, पंचायती राज और पारिस्थितिकी तंत्र—पर संक्षिप्त और सटीक नोट्स साझा कर रहे हैं।
1. भारतीय संविधान और पर्यावरण (Indian Constitution & Environment)
भारतीय संविधान दुनिया का सबसे बड़ा लिखित संविधान है। इसमें पर्यावरण संरक्षण को नागरिकों के कर्तव्य और राज्य की जिम्मेदारी के रूप में शामिल किया गया है।
अनुच्छेद 48A: यह 'राज्य के नीति निर्देशक तत्वों' के अंतर्गत आता है। इसके अनुसार, राज्य पर्यावरण की रक्षा और सुधार करने तथा देश के वनों और वन्यजीवों की रक्षा करने का प्रयास करेगा।
अनुच्छेद 51A(g): यह 'मौलिक कर्तव्यों' का हिस्सा है। प्रत्येक भारतीय नागरिक का यह कर्तव्य है कि वह प्राकृतिक पर्यावरण (वन, झील, नदी और वन्यजीव) की रक्षा करे और उसका संवर्धन करे।
42वां संविधान संशोधन (1976): इसी संशोधन के माध्यम से 'वन' और 'वन्यजीवों के संरक्षण' को राज्य सूची से हटाकर समवर्ती सूची (Concurrent List) में डाला गया था।
2. पंचायती राज व्यवस्था (Panchayati Raj System)
लोकतांत्रिक विकेंद्रीकरण की नींव रखने वाली पंचायती राज व्यवस्था ग्रामीण विकास और स्थानीय पर्यावरण प्रबंधन में बड़ी भूमिका निभाती है।
73वां संविधान संशोधन (1992): इसके द्वारा पंचायती राज को संवैधानिक दर्जा मिला और संविधान में 11वीं अनुसूची जोड़ी गई।
त्रि-स्तरीय ढांचा: बलवंत राय मेहता समिति की सिफारिश पर आधारित:
ग्राम पंचायत (ग्राम स्तर)
पंचायत समिति (ब्लॉक स्तर)
जिला परिषद (जिला स्तर)
EVS के लिए महत्व: ग्राम सभा को अपने क्षेत्र के प्राकृतिक संसाधनों, जल निकायों और भूमि के प्रबंधन का अधिकार प्राप्त है।
3. पारिस्थितिकी तंत्र (Ecosystem)
पारिस्थितिकी तंत्र वह तंत्र है जिसमें समस्त जीवधारी आपस में एक-दूसरे के साथ तथा पर्यावरण के भौतिक एवं रासायनिक कारकों के साथ परस्पर क्रिया करते हैं।
परिभाषा: 'Ecosystem' शब्द का सर्वप्रथम प्रयोग ए.जी. टांसले (A.G. Tansley) ने 1935 में किया था।
घटक (Components):
जैविक घटक (Biotic): उत्पादक (पेड़-पौधे), उपभोक्ता (जीव-जंतु) और अपघटक (कवक, बैक्टीरिया)।
अजैविक घटक (Abiotic): प्रकाश, वायु, जल, मिट्टी और तापमान।
ऊर्जा का प्रवाह: पारिस्थितिकी तंत्र में ऊर्जा का मुख्य स्रोत सूर्य है। ऊर्जा का प्रवाह हमेशा एकदिशीय (Unidirectional) होता है।
10% का नियम: लिंडमैन (Lindeman) के अनुसार, एक पोषण स्तर से दूसरे स्तर तक केवल 10% ऊर्जा ही पहुँचती है।
महत्वपूर्ण तथ्य (Quick Revision Points)
| विषय | महत्वपूर्ण बिंदु |
| संविधान | 26 जनवरी 1950 को लागू हुआ। |
| पंचायती राज | सर्वप्रथम 2 अक्टूबर 1959 को राजस्थान के नागौर में शुरू हुआ। |
| पारिस्थितिकी | पारिस्थितिकी (Ecology) शब्द का प्रयोग अर्नेस्ट हेकल ने किया था। |
| विश्व पर्यावरण दिवस | 5 जून को मनाया जाता है। |
निष्कर्ष:
UPTET जैसी परीक्षाओं में अक्सर अनुच्छेदों और पारिस्थितिकी के नियमों से सीधे प्रश्न पूछे जाते हैं। इन नोट्स को बार-बार दोहराने से आप EVS सेक्शन में बेहतर स्कोर कर सकते हैं।
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